Thursday, January 17, 2008

जिन्हें चाहिए भारत रतन

वोटर लिस्ट या राशन कार्ड नाम लिखने की तरह ही इन दिनों भारत रतन के लिए दवेदारिया पेश हो रही है. फेहरिस्त में अब तक महरूम मोहमद रफी से लेकर रतन टाटा तक के नाम आ चुके हैं. बात अटल बिहारी वाजपेई से शुरू हुई थी और बहूत दूर तक निकल गयी. पदक और पुरस्कार से किसी का प्रोफाइल भले वजनदार हो जाए पर इतिहास ऐसे किसी सिफारिशी तमगे को नही मनाता. तभी तो ताजदारों की दुनिया मे बेताज बादशाहों की कमी नही. यही नही मूल्य और मानक के साथ जिन्दगी जीने वालों पर भारी है किसी आवारा मसीहा, गुनाहों का देवता या फ़िर पियक्कड़ देवदास का जीवन. दरअसल डूब कर जीना जिन्हें आ गया उनका नाम चाह कर भी कोई नही डूबा सकता.

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