Thursday, January 17, 2008

सनातन और सेक्स-1

सनातन और सेक्स सनातन और हम तकरीबन दो दशक के हमराही हैं यानि हमारी दोस्ती उतनी ही पुरानी है जितना ग्लोब पर ग्लोबल भारत. बहरहाल मित्र सनातन की वह बात भुलाए नही भूलती जब वो कहता था कि...यार लड़की से दोस्ती बड़ा रिस्की खेल है ...समझ मे नही आता की सेक्स मेरे अन्दर जयादा है या आज कल की लड़कियां ज्यादा सेक्सी हैं. दरअसल सनातन दोस्तो का दोस्त था पर लड़कियों से दोस्ती को लेकर उसकी फटती थी. इक दो बार मामला थोड़ा जमा भी तो इसी पूरी तरह पका नहीं. सनातन बड़ी बेपरवाही से बताता था......जानते हो सतीश मुझे कभी कभी अपराध बोध भी होता है की जब भी किसी लड़की से बातचीत करता हूँ या उसके साथ कहीं आने जाने का मौका होता है तो दिमाग के अन्दर इक रेलगाडी की तरह चलती है...धूक-धूक धक्-धक्...मन मे तेज़ी से ख़याल आने लगते है की क्या इस लड़की को मई ज़ोर से पकड़ सकता हूँ.!!! खावाहिश लार टपकती है की अपनी दोस्त को वैसे देखूं जैसे कपड़ो के भीतर वह है..और वह सब भी जिसकी सोच किसी लड़के के स्वपन दोष का कारण बने..बहूत बाद मे सनातन पर मेरे अग्येवादी रिसर्च से यह पता चला की अपने गाँव मे सनातन हम उम्र लड़कियों का सबसे प्रिय था.........

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